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शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

सितंबर 10, 2021

प्राइवेट नर्सिंग होम में स्टाप की लापरवाही में गई जच्चा बच्चा की जान



 आज उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच से एक दिल को दहला देने वाली खबर निकल कर आ रही है के कैसरगंज तहसील ब्लाक फखरपुर ग्राम पंचायत गजाधर पुर निवासी अवधेश कुमार गौड़ सहायक ब्यूरो चीफ चाणक्य न्यूज चैनल बहराइच के छोटे भाई श्री अशोक कुमार गौड़ की पत्नी कोमल गौड़ को प्रसव पीडा होने पर फखरपुर मे निजी हास्पिटल डाक्टर श्री मंजू शुक्ला के यहां ईलाज करवाने ले गया जब पीड़ित ने मंजू शुक्ला से बात की तब हास्पिटल संचालिका द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि अभी दो डाई घन्टें में नामरल डिलेबरी हो जायेगी तब अशोक कुमार गौड़ ने कहा कि हम सीएसी फखरपुर ले जायेंगे तब संचालिका द्वारा यह कहा गया कि हम पूरी जिम्मेदारी लेते है कि कुछ नहीं होगा और हम अभी बच्चा पैदा करवा देंगे और आप पन्द्रह हजार रुपए जमा करवा दीजिए जब पीड़ित ने पैसा जमा करवा दिया तब परिवार वालों को बाहर निकाल दिया और कहा कि अभी एक दो घंटों में हो जायेगा उसके बीस मिनट बाद कहा गया कि खून की जांच करवाकर लाओ जब खून जांच हुई तब रिपोर्ट में निकला कि ग्यारह यूनिट खून है उसके एक घंटे के बाद नर्स द्वारा बताया गया कि बच्चा मरा पैदा हुआ है और थोड़ी देर बाद संचालिका द्वारा यह कह कर मरीज को बाहर जाने के लिए कहा गया कि अभी बेहोश हैं हवा में लेकर जाओ अभी होश में आ जायेगी जब पीड़ित द्वारा इसका विरोध किया गया तब संचालिका कि दो लड़कियों द्वारा मरीज को हास्पिट से बाहर रोड पर निकाल दिया गया जिसका विरोध चाणक्य न्यूज इंडिया परिवार ने जमकर किया रात में ही घटना स्थल पर सीएमओ बहराइच पहुंच कर परिवार वालों को ढांढस बंधाया और कहा कि इस मामले पर कठोर कार्रवाई की जाएगी आज सीएमओ बहराइच एवं सीएचसी अधीक्षक महोदय फखरपुर आकर अवधेश कुमार गौड़ का बयान दर्ज कर विभागिये कार्रवाई करने का आश्वासन दिया आखिर यह कब तक चलता रहेगा प्राइवेट हास्पिटल की मानमानी हमेशा मीडिया ऐसे मामलों को उछाल ता रहता है लेकिन मामला शांत होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होती है यदि होती भी है तो केवल कागज पूर्ति हेतु इसीलिए इनकी मनमानी बढ़ती जा रही है इंसान तों है लेकिन यह कहावत इन पर सही बैठती है कि इंसान के रूप में ऐ एक पागल भेड़िए है इसको नर भच्छी कहा जाय तो कम हैं इनको केवल पैसे से मतलब है इंसान से कुछ नहीं आदमी चाहे मरे या जिंन्दा रहे इनको कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन गलती तों स्वस्थय विभाग की हैं इन प्राइवेट नर्सिंग होम पर कोई कार्रवाई नहीं करता पता नहीं क्यों इतना मेहरबान है स्वस्थय महकमा कब होगी इन इंसानियत को सर्मसार कर देने वाली घटना का अन्त इस तरह की कल घटना को देखकर पत्थर भी रो पड़े हृदय विदारक घटना हमने अपने जीवन में कभी नहीं देखा था उस दुधमुंहे बच्चे का क्या कसूर था जो आने से पहले ही नरभक्षी यो के भेट चढ़ गया अब देखना यह है कि खबर चलने के बाद स्वस्थ्य महकमे में यदि जरा सी भी इंसानियत बची है तों कोई कारगर कार्रवाई करता है कि नहीं या किसी की जिंदगी उजाने का तमाशा देखने के लिए फिर इन इंसानियत के सर्मसार करने वाली घटना का इन्तजार करता है योगी जी के राज में इंसानियत को सर्मसार कर रहा स्वस्थय महक