Breaking




शुक्रवार, 3 दिसंबर 2021

हलधरमऊ - कुंवरपुर अमरहा में खड़ंजा निर्माण में घोर अनियमितता कर हो रहा भ्रष्टाचार।


( मानकों को दरकिनार कर बिना मिट्टी पटाई किये लग रहे खड़ंजे में काफी मात्रा में पीले और घटिया टूटी फूटी ईंटों का किया जा रहा इस्तेमाल, जिम्मेदार कर रहे अनदेखी)



सरकार की अति महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की शिकार 


 
कर्नलगंज/हलधरमऊ गोंडा। विकास हलधरमऊ के ग्राम पंचायत कुंवरपुर अमरहा में हो रहे खड़ंजा निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत प्रधान एवं सचिव द्वारा जमकर घोर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आया है।जहां मानक के विपरीत नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना मिट्टी पटाई कराये लगाये जा रहे खड़ंजे में काफी मात्रा में पीले और टूटी फूटी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों की मनमानी एवं सरकारी धन के बंदरबांट का आलम यह है कि खड़ंजे के ऊपर बालू डालकर समतल करने के बजाय बगल के खेत से मिट्टी निकालकर डाली जा रही है आलम यह है उक्त मामले को स्थानीय अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कोई असर नहीं दिखा। लोगों के अनुसार ग्राम में लाखों रुपयों की लागत से राशि से कुंवर पुर अमरहा डीहा से अंदर गांव तक जाने हेतु खड़ंजे का निर्माण कराया जा रहा है। उक्त निर्माण कार्य में पीले घटिया ईंटों एवं गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग हो रहा है। इसके अलावा मानक के अनुसार निर्माण नहीं किया जा रहा। जिसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से होने पर उनके द्वारा उक्त खड़ंजा निर्माण को घटिया एवं गुणवत्ता विहीन होने के संबंध में मौकी की जांच कराने का आश्वासन दिया गया लेकिन नतीजा शून्य रहा।खड़ंजा निर्माण के समय ग्रामवासियों द्वारा नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि ग्राम प्रधान एवं सचिव की मौखिक शिकायत करने पर हम से कहा हमारी पहुंच ऊपर तक है। शिकायत करने पर भी कुछ नहीं होगा। ग्रामीणों ने उक्त निर्माण कार्य को रोककर जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है। उक्त संबंध में विभाग के जिम्मेदार स्थानीय अधिकारियों को सूचित करने पर उन्होने कहा कि मौके की जांच कराई जा रही है और खड़ंजा निर्माण में लगाई जा रही पीली,टूटी फूटी घटिया ईंटो को निकलवाने और मानक के अनुरूप खड़ंजा निर्माण कराने को जिम्मेदार लोगों से कहा गया है। जबकि इसके बावजूद उक्त पीले, घटिया ईंटों से खड़ंजा निर्माण होने के साथ ही एक ट्राली पीली ईंट और भी मंगाकर मानकविहीन कार्य अनवरत जारी रहा। जिससे जिम्मेदार अधिकारियों का भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जाना प्रतीत तो हो ही रहा है वहीं सरकार की अति महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की शिकार हो गयी है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें