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बुधवार, 22 सितंबर 2021

हिन्दी पखवाड़े में सर्वत्र सराहा जा रहा है कुलदीप शुक्ला का सवैया छंद ।


करनैलगंज गोण्डा। हिन्दी पखवाड़े में एक छात्र द्वारा हिन्दी के प्रति सवैया छंद में व्यक्त की गयी अपनी भावनाओं की बुद्धिजीवियों द्वारा मुक्तकंठ से प्रशंसा की जा रही है। 
      विकास खण्ड हलधरमऊ के ग्राम नहवा परसौरा निवासी व लखनऊ में अध्ययनरत कुलदीप शुक्ला वैसे तो यदा कदा काव्य रचनायें किया करते हैं लेकिन उन्होंने हिन्दी पखवाड़े में हिन्दी को सम्मान देते हुए जो एक सवैया छंद में काव्य रचना की है उसकी बुद्धिजीवी वर्ग मुक्तकंठ से प्रशंसा कर रहा है। सवैया इस प्रकार है- "तुलसी रसखान सुछंद लसी, भव मुक्ति सुपंथ दिखावति हिन्दी। कहुं सूर कबीर सु भक्ति भरी, रस छंदन का छलकावति हिन्दी।। जनमानस मा अनुरक्ति
 समेत, सदा अपनत्व जगावति हिन्दी। यह संस्कृत की दुहिता, भगिनी कुल भाषन केर कहावति हिन्दी।।

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