Breaking

गुरुवार, 1 अप्रैल 2021

गोंडा। डीएम मार्कण्डेय शाही ने दो झोलाछाप डाक्टरों व एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के दिए आदेश।

झोलाछाप डाक्टरों की खैर नहीं, चलेगा अभियान, कड़ी कार्यवाही के आदेश

जिले में बिना डिग्री के इलाज के नाम पर लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डाक्टर डीएम के निषाने पर आ गए हैं। थाना इटियाथोक अन्तर्गत ग्राम बैजपुर निवासी कुमारी साजिदा खातून पुत्री मुख्तार अहमद ने डीएम से शिकायत किया कि ग्राम बैजपुर में डा0 बलराम वर्मा पुत्र राम सूरत वर्मा, डा0 जितेन्द्र कुमार पुत्र बलराम तथा एक अन्य व्यक्ति द्वारा बगैर मेडिकल डिग्री व लाइसेन्स के नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम मार्कण्डेय शाही ने डिप्टी सीएमओ डाॅ0 टीपी जायसवाल तथा वरिष्ठ चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी झोलाछाप डाॅ0 मनोज कुमार की संयुक्त जांच समिति गठित करते हुए जांच कराई तो झोलाछाप डाक्टर द्वारा बिना डिग्री व लाइसेन्स के नर्सिंग होम संचालन की शिकायतें सही पाई गई। यहीं नहीं मौके पर कई मरीज व इलाज के उपकरण, ग्लूकोज बाॅटल, सीरीन्ज, अल्ट्रासाउन्ड जैली, कैप्सूल ओमेज, मेनीटाल की बोतल, स्टैथोस्कोप, बीपी इन्ट्रूमेन्ट तथा भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाईयां मिलीं।
मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को झोलाछाप डाक्टरों डा0 बलराम वर्मा पुत्र राम सूरत वर्मा, डा0 जितेन्द्र कुमार पुत्र बलराम तथा इसमें शामिल एक अन्य व्यक्ति के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराकर अवगत कराने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सीएमओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि भोलेभाले लोगों की जिन्दगी से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा तथा ऐसे लोग जो बिना डिग्री व लाइसेन्स के क्लीनिक या नर्सिंग होम चला रहे हैं उनके खिलाफ अभियान चलाकर छापेमारी कराई जाएगी तथा एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही सुनिष्चित कराई जाएगी। 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें